Free Hindi Sex Kahani: नई भाभी की गर्मी को लंड के पानी से मारा

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Free Hindi Sex Kahani: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका फिर से हमारे एक और सेक्स भरे ब्लॉग में. आज के ब्लॉग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैं एक नई नवेली भाभी की चूत की गर्मी अपने लंड के पानी से बुझाया.

तो दोस्तों यह कहानी कुछ ऐसी है कि मैं अपने एक दोस्त के साथ उसके गांव में जाता हूं. जहां पर उसने मुझे घूमने के लिए ऑफर किया था. तो मैं उसके साथ घूमने के लिए गांव में चला गया था. वहां जाने के बाद मैं देखता हूं कि उनके पड़ोस में नयी शादी होकर एक दुल्हन आई हुई थी.

और उनकी दुल्हन काफी ज्यादा सुंदर और सेक्सी थी ऐसे में मेरी उससे बातचीत होती रहती थी क्योंकि वह मेरे दोस्त का दोस्त था और वह हमारे साथ उठता बैठता था. ऐसा करते-करते काफी दिन हो गए थे और एक दिन वह दोस्त काफी ज्यादा परेशान सा था और परेशानी में ही हमारे पास आया था.

आने के बाद मैंने उसकी शकल देख ली थी और मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तू इतना परेशान क्यों है, तो उसने कहा कि सच बताऊं तो कुछ नहीं मेरी पत्नी मेरे से संतुष्ट नहीं हो पाती है, और वह मेरे से कहती है कि तुम अपनी टाइमिंग बढ़ाओ या फिर तुम अपना कुछ करो मैं तुमसे संतुष्ट नहीं हो पाती हूं और तुम अपना इलाज वगैरा करवा लो और तभी मेरे पास आना तो अब वह मुझे देना भी बंद कर चुकी है.

और पता नहीं क्यों मैं उसे संतुष्ट नहीं कर पाता हूं तो ऐसे में मैं क्या करूं मुझे कुछ समझ नहीं आता है तो मैंने ऐसे में मौका देखा और मैंने उसे कहा कि देखो मैं इसमें तो कुछ नहीं सकता इसका तो कोई इलाज नहीं है यह तो नेचुरल चीज है लेकिन मैं तुम्हारी बीवी को समझा जरुर सकता हूं.

तो उसने मुझे कहा कि हां यार प्लीज क्यों ना तुम उसे समझा दो तो मैंने उसे कहा कि चलो ठीक है तुम यहीं पर रुको अगर घर पर जब कोई ना हो तो तुम मुझे बताना मैं उसे आराम से बैठकर समझता हूं और फिर तुम्हें बताता हूं कि वह क्या जवाब देती है उसने मुझे कहा कि ठीक है भाई मैं बताता हूं जब भी घर पर कोई नहीं होता है.

अगले दिन मौका देख वह तो बाहर आ गया उसने मुझे फोन किया की घर पर कोई नहीं है तुम जाकर उसे एक बार बात कर लो मैं गया और जाकर मैंने देखा एक लाल साड़ी में सुंदर सी लड़की एक हॉट फिगर वाली वहां पर बैठी थी जिसे देखने के बाद तो बस ऐसा लगा था कि क्यों न मैं इसकी ले लू.

इतना मिलने के बाद तो मुझे क्या ही चाहिए था, मैंने उससे बातचीत करकर वही फिर उसे कहा कि एक बात बताओ तुम उससे संतुष्ट क्यों नहीं हो पाती हो? तो उसने मुझे कहा कि मेरी चूत की गर्मी ही इतनी है कि हर कोई भुजा ही नहीं सकता, काश मेरी शादी से पहले से एक बार बात हो चुकी होती तो कम से कम यह तो पता होता कि इसकी टाइमिंग क्या है और इसके लंड का साइज क्या है.

इसका लंड काफी ज्यादा छोटा है और यह मेरे ऊपर चढ़ते ही झड़ जाता है तो ऐसे में मैं क्या करूं मुझे तो कुछ भी मजा नहीं आता है तो मैंने उससे कहा कि तो अब तुम क्या चाहती हो? तो उसने मुझे कहा कि मैं तुझे चाहती हूं कि मेरी चूत की गर्मी बुझाई जाए मैंने उसे कहा कि मुझे 2 मिनट का टाइम दो मैं आता हूं.

इतना कहके मैं घर के बहार आ जाता हु और उसे फोन करता हूं और उसे अपने दोस्त को फोन करके बोलता हूं कि भाई अभी मुझे थोड़ा टाइम लगेगा कहीं तुम सोचो कि यह क्या चल रहा है, भाई वह करने को राजी नहीं है तो मुझे मानाने में टाइम लग रहा है लेकिन तुम परेशान मत होना आज मौसम बना कर ही आऊंगा. तो उसने मुझे कहा कि भाई कोई दिक्कत नहीं है.

तू भी परेशान मत हो अभी घर पर भी आने में सबको 3 घंटे लगेंगे तू आराम से अपना टाइम ले और बस तू उसे समझा के आजा. तो मैंने उसे कहा कि हां मेरे भाई पक्का इतना कहकर मैं वापस अंदर घुस जाता हूं और अंदर जाकर मैंने उसे कहा कि अगर तुम्हारी यह प्यास कोई भी भुजा दे तो क्या तुम बुझवा लोगी?

तो उसने कहा कि क्यों ना बुझवा लू. मैं तो बैठी इसलिए हूं इतना कहते है मैं उसके करीब जाता हूं और मैंने उसे कहा कि तो क्यों ना बुझा दी जाए वह भी समझ चुकी थी कि मैं उसे चोदने के लिए कह रहा हूं. उसने मुझे कहा कि सबसे पहले अपना लंड दिखाओ मैं उसके बाद ही करूंगी जो करूंगी. तो मैंने उसे कहा कि उसके लिए लंड को खड़ा भी करना पड़ेगा तो क्यों ना थोड़ी देर किस कर ली जाए.

तो वह किस करने को मान जाती है और हम दोनों ने आपस में चुम्मा चाटी शुरू कर दी थी. आपस में चुम्मा चाटी शुरू होती है तक़रीबन 10 15 मिनट चूसने के बाद उसकी लिपस्टिक उतर चुकी थी और अब उसके होठ ही बचे थे उसके होठो को चूसने के बाद मेरे अंदर तो एक जानवर ही जाग चुका था और बस उसे चोदने का मन कर रखा था.

मेरा लंड भी अचानक से खड़ा होता है और मैंने उसको एकदम से पीछे किया और मैंने अपनी पेंट को खोलकर उसे अपना लंड दिखा दिया, जैसे मैंने उसे अपना लंड दिखाया वह एकदम से देखकर बोली की मेरे स्वामी तुम कहां थे इतना बोलने के बाद उसने फिर से मुझे पकड़ के चूमना शुरू कर दिया और वह मुझे लगातार चूमती गई और वह मेरे को इस तरह से चूस रही थी जैसे मैं ही उसका पति हूं.

और चूसते चूसते वह पागल सी हो चुकी थी और खुद ही अपने कपड़े निकालना शुरू कर चुकी थी जैसे उसने खुद के कपड़े निकले मैंने भी अपने कपड़े निकालना शुरू कर दिया मैंने देखा कि उसकी उभरी हुयी चूचिया और उसकी गोरी सी गांड और उसकी पिंक चूत जिसे देखकर मेरा तो मन मचल चुका था ऐसा देखने के बाद मैंने उसको पकड़ और फिर से चूसते हुए उसे उसके बेड पर लेटा दिया.

उसके बेड पर सीधा लेट के मैं उसके ऊपर गिर गया और उसके ऊपर गिरने के बाद मैंने उसकी छूट में अपना लंड डाल दिया जैसे मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाला उसकी तरफ से सससससस आह की आवाज आई और वह काफी ज्यादा खुश हुई और उसने मुझे कस के पकड़ लिया उसने कहा कि बस रुकना मत और मैंने उसे लगातार चोदना शुरू किया जैसे मैंने उसकी चूत में झटके मारने शुरू किये वह काफी ज्यादा मजे ले रही थी.

और आह आह आह अहहहहहह अहहहहहहह स्स्स्सस्स्स्स अहःअहः की आवाज दे रही थी इतना करते-करते मैंने उसे रगड़ते हुए उसकी चूत को मारना शुरू किया वह मेरे होठों को भी खा रही थी. उसने मेरे होठों से खून निकाल दिया था और मुझे होठो से खून निकाल कर मेरे होठो को चूस रही थी. मैंने उसे एक परसेंट भी रोका नहीं और उसे जो कर रही थी उसे करने दिया.

इतना सब कुछ होने के बाद मैं भी रुकने वाला नहीं था और मैंने उसके गर्दन को चाटना शुरू किया उसके गर्दन को चाटते हुए वह और भी ज्यादा गर्म हवाएं दे रही थी और चुदाई का मजा दे रही थी उसकी चूत को छोड़ते हुए 15 मिनट हो चुकी थी और उस दोस्त का फोन आना शुरू हुआ, चुदाई के बीच में मैंने फोन उठा लिया और उसने कहा कि भाई क्या हुआ?

तो मैंने उसे कहा कि भाई मैं अब आराम से बातें कर रहा हूं और बस उसी को समझा रहा हूं वह देखकर मेरी तरफ मुस्कुराई और उसने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और मैंने उससे कहा कि ठीक है भाई मैं करता हूं बाद में कहीं उसे शक ना हो जाए कि तुमने मुझे भेज रखा है, एक बार अब शांति से बातें हो रही है मैं करके तुम्हें बताता हूं.

तो उसने कहा कि ठीक है मेरे भाई शुक्रिया तुम्हारा मैं जल्दी से करके समझा कर तुम आ जाओ. मैंने कहा हां भाई ठीक है और चुदाई के बीच मैंने फोन काटा उसने मुझे चुदाई के बीच में गले लगा लिया और मैं उसको चोदना ही रहा , अब तकरीबन आधा घंटा चोदने के बाद उसकी चूत से पानी आना शुरू हुआ और उसकी चूत बहुत तेज बजने लग गई थी.

उसकी चूत इतनी ज्यादा बज रही थी की मैं भी बस अपना पानी कंट्रोल ही करके बैठा था, जैसे उसकी चूत से पानी आना शुरू हुआ उसने मेरी गर्दन पर पहले लव बाईट देने शुरू कर दिए और मेरे गर्दन पर उसने लव बाईट के निशान इतनी ज्यादा तेज बना दिए कि मेरा बस यह था कि अब उसे कोई देख ना ले. लेकिन सेक्स के टाइम मुझे पता नहीं चल रहा था और मैं सेक्स में खोया हुआ था.

और बस मैं उसे चोदते जा रहा था आधे घंटे के बाद में ही उसने पानी छोड़ते हुए एक अहहहहह भरी और झड़ने के बाद भी करने लगी और गांड को ऊपर नीचे करने लगी ऐसा नहीं है उसका छोड़ने का भी मन था और छोड़ने का भी मन था लेकिन मैं आपसे छोड़ना नहीं चाह रहा था और वहां से और चोदना चाह रहा था. अब वह झड़ चुकी थी लेकिन अब मुझे कह रही थी कि मुझे छोड़ दो बस करो मेरा तो हो गया और इतने में उसने मुझे कस के पकड़ के मुझे चोदना शुरू कर दिया और कहां के तेज करो फिर मै उसे छोड़ने नहीं वाला था.

अब मैं उसे दर्द में ले आया था और उसकी चूत को बजाना शुरू किया जैसे मैंने जोर से बजाना शुरू किया अब मैंने उसको 15 मिनट तक और चोदा और 15 मिनट के बाद मेरा भी पानी झडा और मेरा जब तक पानी निकला उसकी काफी ज्यादा तड़पने से लग गई थी और उसका शरीर कांपने लग गया था लेकिन छोड़ने का मन तो नहीं हुआ था और मेरा छुटने के बाद भी मैंने उसे तकरीबन 2 से 3 मिनट तक और चोदने के बाद फिर मैंने उसे छोड़कर एकदम उसके साइड में लेट गया.

और फिर वो खुद मेरे छाती पर आकर लेट गई और उसने अपना सर मेरी छाती पर रख लिया और वह मेरे सिर्फ लंड को ही देखे जा रही थी, मेरे लंड को देखते देखते मेरा लंड छोटा होता गया और मेरा लंड सो गया फिर उसने मेरे लंड पर हाथ फेरते हुए मुझे चूमना शुरू किया और उसने कहा कि तुम मेरे पास ही क्यों न रह जाओ मैं यहां से तो नहीं जा सकती लेकिन तुम मेरे पास रह जाओ ना.

फिर मैंने उसे कहा कि हम एक काम कर सकते हैं तुम पास ही के शहर में किसी चीज में एडमिशन ले लो मैं भी वही रहता हूं और वही हम दोनों रोजाना मिल लिया करेंगे और मैं भी तुम्हें संतुष्ट कर दिया करूंगा और तुम भी मुझको बहुत ज्यादा पसंद आ गई हो इतना कहते ही उसने मुझे किस किया और कहा कि ठीक है मैं उसे मनाती हूं.

इतना कहने के मैं उसे अपना नंबर देकर चला गया मैं जाकर दोस्त को कहा कि मैं उसे समझा कर तो आ गया हूं अब तुम आगे देख लेना कि क्या करना है घर जाने के बाद उसने उसे कहा होगा कि वह एक शर्त पर उसे देगी की बस वह उसे पास के शहर में कोचिंग के लिए भेज दे और वह मेरा दोस्त मान जाता है और वह भी उसे कोचिंग के लिए वहां पर भेजना शुरू कर देता है.

वह जैसे वहां पर आती है उसने मुझे फोन किया कि वह वहां पर आ चुकी है मैं जाकर अपनी गाड़ी में बिठाकर उसे ले आता हूं और घर जाकर मैं उसे डेली चोदना शुरू कर देता हूं. अब हमारी चुदाई लगभग 2 से 3 घंटे तक होने लगी थी और दोनों एक दूसरे को काफी ज्यादा संतुष्ट करने लग गए थे यह चुडैया अब रोजाना चलती थी और मैं उसकी चूत को इतना ज्यादा पेला था जिसकी कोई हद नहीं थी ऐसे मैंने उसकी चूत की गर्मी को अपने लंड के पानी से बुझाया था.

तो दोस्तों आपको एक कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और हां यह कहानी काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है, धन्यवाद

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Date: June 26, 2024

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