
Indian Sex Stories: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका फिर से हमारे एक और सेक्स भरे ब्लॉग में. आज किस ब्लॉग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैं अपनी बहन की ननद को चोद कर उसको कामवासना दी और उसकी सेक्स कि अन्तर्वासना दिलवा के उसको सेक्स का आनंद दिया.
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तो दोस्तों आपको मैं बता दूं कि मेरी बहन की शादी कुछ ही दिन पहले हुई थी और मेरे जीजा की एक छोटी बहन भी थी जो कि अभी-अभी बस जवान ही हुई थी. उसकी जवानी दिन भर ऐसे बढ़ रही थी जैसे कोई पौधा जल्दी फूल देने लग गया हो. उसके बदन की खुशबू दिन भर बढ़ती जा रही थी और उसकी चूचियां और गांड भी उठती जा रही थी.
ऐसे में मेरा उस पर तो दिल आ चुका था, साथ ही साथ वह मेरे ऊपर लाइन देने लग गई थी. यह सारी हरकतें होते हुए काफी दिन गुजर चुके थे, फिर एक दिन मैं अपनी बहन से मिलने उसके ससुराल गया हुआ था, वहां जाने के बाद मेरी उसके ननद के साथ बात होती है, और बात ही बात में मैं उसको अपने दिल की बात बोल चुका था.
और वह भी मुझे अपने दिल की बात बोल चुकी थी, लेकिन वहां मैं कुछ नहीं कर सकता था, तो मैंने उसे अपना नंबर दिया और मैं उसका नंबर लेकर घर आ गया था, आने के बाद हम दोनों की फोन पर बातें होनी शुरू हो जाती हैं और कभी-कभी हम दोनों मैसेज में भी बात कर लेते थे, बातों में हम दोनों काफी ज्यादा घुल मिल चुके थे और मैं उसको यह भी बोल चुका था कि उसकी जवानी इतनी अच्छी है कि मेरा उसे चोदने का ही मन करता है.
उसने भी कहा कि हां मन तो मेरा भी चुदने का ही करता है, लेकिन क्या करूं घर से बाहर निकल नहीं सकती हूं, तो मैं उसके साथ अब सेक्स भरी बातें करने लगा था, हमारे बीच में सेक्स चैट होती रहती थी और फोन पर भी हम दोनों बस सेक्स की ही बातें करते रहते थे. यह सब होते हुए काफी दिन गुजर चुके थे और हम मास्टरबेट ही वीडियो कॉल पर कर लेते थे.
लेकिन ऐसा कब तक चलने वाला था मैंने एक दिन उससे कहा कि क्या तुम मुझसे मिलने के लिए पास के शहर में आ सकती हो, तो उसने कहा कि ठीक है मैं कोई प्लान बनाकर मिलने के लिए आती हूं. तो हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया और मैं भी पास के शहर में उससे मिलने के लिए चला जाता हूं. वह भी मुझसे मिलने वहां पर आ चुकी थी.
जैसे वह वहां पर आई पहले तो मैंने उसे गले लगाया और वह भी मुझे गले लगा कर खुश हो चुकी थी, ऐसे में फिर मैंने उसे कहा कि यहां तो कोई ना कोई देख ही लेगा, चलो एक काम करते हैं किसी पर्सनल जगह पर चलते हैं तो उसने कहा कि ठीक है यहां एक पास ही में होटल है, तो वहां जाकर देख सकते हो, हम दोनों उस होटल में जाते हैं.
और वहां जाकर अपने लिए कमरा बुक कर लेते हैं, कमरा बुक करने के बाद हम दोनों एक दूसरे के अंदर खो जाते हैं और एक दूसरे को चोदने का प्लान बना चुके थे, पहले ही कमरे में घुसते ही हम दोनों एक दूसरे को लपक लेते हैं और एक दूसरे को गले लगा कर चूमना शुरू कर देते हैं, उसकी जवानी तो फूट ही रही थी साथ ही साथ वह मुझे भी अपनी जवानी की तरफ खींच चुकी थी.
मेरा मन तो उसे चोदने के अलावा अब कुछ बचा ही नहीं था, मैंने उसको चूमते हुए उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया उसकी चूचिया काफी ज्यादा टाइट थी और छोटी भी थी. लेकिन इतनी भी छोटी नहीं थी कि बस हाथ में ही ना आए. उसकी चूचिया और उसका फिगर इतना ज्यादा सेक्सी था कि मानो बस उसी को चोदने का सपना मैं देखने लग चुका था.
आज वह सपना पूरा होने भी वाला था मैंने उसके कपड़े उतारे और उसका टॉप और जीन्स निकल कर मैंने फटाक से उसकी ब्रा फाड़ दी और मैंमै उसकी कच्छी भी फाड़ दी, उसने कहा कि अरे वापस भी पहननी है. मैंने कहा छोड़ो कपड़े पहन के जाना बस और मैंने उसके कपड़े और मैं उसकी ब्रा और पेटी फाड़ दी थी. फाड़ के मैं इतना ज्यादा हवसी हो चुका था कि मैंने फटाक से अपने कपड़े निकले और मैं उसके ऊपर गिर चुका था.
उसकी चूत आज तक किसी ने नहीं मारी थी, उसकी कच्ची कुंवारी चूत को चोदने के लिए मैं बेताब था और मैंने एक ही झटके में उसकी चूत में अपना लंड दे डाला और लंड डालते ही वह एकदम से चिल्लाई और पीछे की तरफ हटने लगी लेकिन मैं पीछे की तरफ नहीं हटाने दे रहा था. मैंने उसे दबोच लिया और चूत में पूरा लंड घुसा दिया. घुसाते ही वह चिल्लाने से लगी और दर्द में कांपने लगी.
फिर उसने कहा कि हाय मां मर गई बचा लो रे, बोहोत दर्द हो रहा है, छोड़ दो मुझे छोड़ दो अभी तो छोड़ दो कुछ देर के लिए छोड़ दो, आह मम्मी रे, स्स्स्सस्स्स्स अह्ह्ह्हह्हह. लेकिन मैं उसे छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था और मैंने उसकी चूत में धक्के मारने शुरू कर दिए.
जैसे ही मैंने उसकी चूत में धक्के मारने शुरू किये मुझे मजा आना शुरू हो चुका था. मैं रुकने का नाम नहीं लेने वाला था और मैं उसकी चूत में तेज धक्के मरने लगा चुका था. अब मैंने धक्के ज्यादा तेजी से मारने शुरू किये और मैंने पटापट उसकी चूत मारनी शुरू कर दी.
उसकी चूत काफी ज्यादा टाइट थी और मेरे लंड को काफी ज्यादा सुकून मिल रहा था. मैंने उसकी चूत को जबरदस्ती बहुत ज्यादा चोदना शुरू कर दिया और लगभग 10 मिनट चोदने के बाद एकदम से मेरा पानी निकल चुका था. जैसे ही मेरा पानी निकला मैंने उसको छोड़ दिया और उसके बाद मै फिर से उसके ऊपर चढ़ा और फिर लंड डालकर उसको चोदना शुरू कर दिया.
जैसे ही मैं फिर से उसके ऊपर चढ़ा उसने कहा कि हाय रे आज तो जान निकाल कर छोड़ोगे तुम मेरी. लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था. मैंने उसको फिर से चोदना शुरू कर दिया और उसको लगातार चोदते ही रह गया. अबकी बार तकरीबन मैंने उसे आधे घंटे तक चोदा और वह दर्द में फिर भी कांप ही रही थी, लेकिन छूटने का नाम तो वह भी नहीं ले रही थी और उसने अबकी बार मुझे कमर में कास के पकड़ लिया और वह मुझे छोड़ नहीं रही थी और नाखूनों से उसने मेरी कमर को खरोचना शुरू किया.
लेकिन मैं तो हवसी पूरा हो चुका था और मैं उसे छोड़ना नहीं चाहता था, आधे घंटे चोदने के बाद फिर से मेरा पानी निकला और मैंने उसे छोड़ दिया. उसे छोड़ने के बाद अब वह उठकर चल नहीं पा रही थी, लेकिन फिर भी वह सेक्स का मजा लेना चाह रही थी, अब वह काफी देर तक मेरे साइड में लेटी रही और कुछ नहीं बोली.
मैं भी कुछ नहीं बोला क्योंकि मैं तो दो बार झड़ चुका था. इसी बीच कम से कम एक घंटा और हो चुका था और उसका दर्द कम हो चुका था. उसका दर्द कम होने के बाद मैंने उसको फिर से चूमना शुरू किया जैसे मैंने उसे चूमना शुरू किया वह मेरा साथ देने लग गई और वह काफी ज्यादा रोमांटिक सी होने लग गई थी.
मैं समझ गया था कि अब उसका मूड अच्छे से बन चुका है. अब मैंने अपनी एक उंगली से उसकी चूत को सहलाना शुरू किया, जैसे ही मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया वह काफी ज्यादा मजे से ले रही थी. ऐसा लग रहा था कि उसे अब अच्छा फील हो रहा था और उसका दर्द भी मर चुका था अबकी बार फिर से वह मेरे ऊपर आई और ऊपर आकर मुझे चूसते हुए उसने मेरा लंड पकड़ लिया और अपनी चूत के अंदर दे डाला.
जैसे उसने मेरा लंड पकड़ कर चूत में डाला अब वह खुद ही ऊपर नीचे होने लगी थी और मेरे लंड की सवारी करने लग गई थी. मैं भी समझ चुका था कि उसे अब मजा आने लग गया है. अब वो मेरे ऊपर लेट के मेरे लंड पर अपनी चूत से झटका मार रही थी.
अब उसकी चूत भी बजने लग गई थी. उसकी चूत से फ़क फ़क की आवाज आ रही थी और उसकी चूत से पानी निकलना शुरू हो चुका था. उसकी चूत की आवाज इतनी प्यारी थी कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैंने उसे फिर पकड़ के उसको अपने ऊपर लेटा लिया और अपने लंड से ऊपर की तरफ उसकी चूत में झटके मारने शुरू किए.
जैसे ही मैंने उसकी चूत में झटके मारने शुरू किये, आह ससससस अह्हह्ह्ह्ह अहहहहहह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आहहहहह की आवाज करती हुयी वो 5 मिनट के अंदर झड़ गयी और वह मेरे ऊपर गिर चुकी थी. अब वह कह रही थी कि मेरा हो गया बस करो मेरा हो गया बस करो. लेकिन मैं नहीं रुकने वाला था. मैंने उसे ऊपर ही लिटाये रखा और कस के पकड़ लिया.
और अबकी बार मैंने 2 घंटे तक उसकी चूत को लगातार मारा इस बीच उसके मुंह से बस हाय रे मर गयी, हो हाय रे मर गई की आवाज ही आ रही थी, उसकी आवाज सुनकर मेरे कानों को काफी ज्यादा सुकून मिल रहा था और उसको फिर मैंने 2 घंटे बाद मेरा लंड झाड़ा और झाड़ के फिर मैंने उसकी चूत से सारा पानी पिया और पीके मैंने उसके मुंह में पानी छोड़ दिया.
और उसको भी उसके चूत के पानी का रसपान करवाया. ऐसा करवाने के बाद उसे काफी ज्यादा अच्छा फील हुआ और वह मेरे लंड को चूसने लगी और मेरे लंड का पानी पीने लगी. मेरे लंड का पानी पिलाकर मैंने उसे छोड़ दिया और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को गले से लगा लिया. जैसे ही उसने मुझे गले लगाया उसने कहा कि शुक्रिया मुझे इतना अच्छा फील करवाने के लिए और मैंने कहा कि तुम चाहो तो अब तो रोजाना करने आ सकते हैं.
उसने कहा अब तो रोजाना ही आऊंगी, अब हम दोनों रोजाना इस होटल में मिलने लग गए थे और होटल में हम रोज चुदायिया करने लग गए थे और इसके बारे में किसी को भी पता चलने नहीं दिया था.
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तो दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और यह कहानी काल्पनिक है इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है, धन्यवाद
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