
Sex Stories in Hindi
Sex Stories in Hindi: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका फिर से हमारे एक और सेक्स भरे ब्लॉग में. आज के इस ब्लॉग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन की बेटी की चुदाई करके उसकी चूत की प्यास बुझाई.
तो दोस्तों कहानी की शुरुआत आज से एक हफ्ते पहले की है जब मैं अपनी पड़ोसन के यहां उनकी एंटीना ठीक करने के लिए गया हुआ था, तो दोस्तों हुआ कुछ ऐसा था कि जब मैं उनके घर में एंटीना ठीक करने गया था तो मुझे अपने पड़ोस की आंटी ने बुलाया था और कहा था कि जरा आकर देख ले बेटा, ये हमारी एंटीना चलने का नाम ही नहीं ले रही है.
तो इसको ठीक कर दे तो मैं भी उनके घर पर उसे ठीक करने के लिए चला जाता हूं जैसे मैं वहां पर ठीक करने के लिए जाता हूं आंटी मुझे वहां पर अकेला छोड़ कर चली जाती है और कहती है तू यहां पर ठीक करके चला जाइयो मुझे कुछ काम है और मैं बाहर जा रही हूं, तब मैंने भी कहा आंटी ठीक है और आंटी के जाने के बाद वहां अब मेरे अलावा और कोई नहीं बचा था लेकिन मुझे क्या पता था कि यहां कोई और भी है.
एंटीना ठीक करने के बाद मैं जैसे ही नीचे उतरा मुझे अंदर से कुछ अनकही अनसुनी सी आवाज आ रही थी मैंने जाकर जब अंदर देखा तो वहां पर एक मोटी सी मोटी चर्बी वाली उठी गांड की प्यारी सी लड़की जिसका गोरा बदन मोटे चुचे और चूत थोड़ी सी काली और गुलाबी थी वह लड़की वहां पर बैठकर अपनी चूत में उंगली देके मुठ मार रही थी या फिर ऐसा कह लो कि वह मास्टरबेट कर रही थी.
जैसे ही मैंने उसे देखा मेरा भी लंड खड़ा हो चुका था, मेरे अंदर से तलब आ चुकी थी कि मेरा मन कर रहा था कि मैं भी उसे चोद दूं और उसकी प्यास को बुझा दू, लेकिन मैं ऐसा कर नहीं सकता था क्योंकि ना जाने क्या हो सकता था आंटी भी कभी भी आ सकती थी, लेकिन मुझे चोदने का भी मन कर रहा था देखा जाए तो वह चुदने के लिए ही बैठी थी.
क्योंकि वह बैठकर वहां पर मास्टरबेट कर रही थी जैसे मैंने उसे मास्टरबेट करते हुए देखा मैं दरवाजे के कोने पर खड़ा होकर एक नजर से उसी को देखे जा रहा था, देखते-देखते वह अपनी उंगली की रफ़्तार को बढाती गई और अपनी चूत में उंगली को लगातार देती गई. लेकिन न जाने क्यों मानो कुछ कर ही नहीं पा रही थी ऐसे में मेरा लंड फटने को हो चुका था.
मैंने भी दरवाजे पर खड़े होकर ही अपना लंड निकाल के अपने लंड की मुट्ठी मारनी शुरू कर दी, जैसे ही मैंने अपनी मुट्ठी मारनी शुरू की मेरे मुंह से अचानक से आह बाहर निकल गया और उसे पता चल गया कि दरवाजे पर कोई है उसने फटाक से उठकर अपना बदन ढक कर मुझे कहा कि कौन है मैंने धीमे से आवाज दी की वो मैं एंटीना ठीक करने आया था.
आपका पड़ोसी उसने कहा ठीक है तुम जाओ तो मैंने आवाज दी की अगर आप चाहो तो मैं कुछ मदद करू, उसने कहा कौन सी मदद मैंने कहा कि जो आप अभी कर रहे थे, उसमें मैं आपकी मदद करूं? उसने आवाज दी की क्या तुमने सब देख लिया? मैंने कहा कि हां मैंने देख लिया इसलिए तो मैं पूछ रहा हूं अब 2 मिनट तक कोई आवाज नहीं आई थी.
जब कोई आवाज नहीं आई तो मैं अपने लंड को निकालते हुए ही अंदर घुस गया, उसकी नजर सीधे मेरे लड पर गई और मेरा लंड 6 इंच का मोटा लंबा था, जिसे देखने के बाद उससे भी रहा नहीं गया, उसने भी अपना कंबल एकदम से हटा दिया, जैसे ही उसने अपना कंबल हटाया मैंने झपक के उसे पकड़ लिया और उसके ऊपर लेट के उसे चूसने लग गया.
उसकी मोटी चर्बी वाला शरीर मानो किसी गड्ढे से काम नहीं था और उसकी चूचियां भी लटकी हुई थी. मैं उसके ऊपर गिरा और चूसना शुरू कर दिया, जैसे ही मैंने उसे चूमना शुरू किया, गर्म तो वह पहले से ही थी, लेकिन अब वह और भी ज्यादा गर्म हो चुकी थी, तकरीबन 2 मिनट तक चूसने के बाद ही उसने मुझे कहा अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता जल्दी से मेरी चूत मारो.
अब तो मैंने अपने लंड को पड़कर उसकी चूत में दे डाला और डालते हैं उसे इतना ज्यादा अच्छा लगा की उसने मुझे कस के ऊपर पकड़ लिया और मुझे कहा कि जल्दी-जल्दी मारो, मैंने उसकी चूत को मारना शुरू कर दिया और मैंने आगे पीछे धक्के लगाए और मैंने अपने लंड की रफ्तार को शुरुआत में ही बढ़ा दिया था. कई दिनों के बाद सेक्स मिलने पर और ऐसे गरम लड़की देखने पर मानो लंड की गर्मी शांत होने का नाम ही नहीं ले रही थी.
लेकिन ऐसा लग रहा था कि मैं ज्यादा देर टिकने वाला नहीं था, मैंने उसकी चूत को जैसे ही तेज तेज बजाना शुरू किया, उसके मुंह से मर गयी रे आह ससससस ाहाःहाहा अहःअहः अहहहहहहह यस ओ यस मर गई है रे हाय रे की आवाज आने लगी. और वह सेक्स का काफी ज्यादा अच्छे से मजा ले रही थी जैसे वह सेक्स का अच्छा मजा ले रही थी मैंने भी अपने लंड की रफ़्तार को बढ़ाता गया और उसकी लगातार चूत चोदता गया.
जैसे ही हमारे सेक्स को 15 मिनट हुए उसने एकदम से मुझे कहाः पीछे हटो और जैसे मैंने अपना लंड निकाला उसने मेरे मुंह के ऊपर ही और उसकी चूत का पानी छोड़ दिया. मैंने भी उसकी चूत का पानी अपने मुँह में लेकर उसके मुंह में डाल दिया, उसने अपनी चूत का रसपान किया, करने के बाद मैं फिर से उसके ऊपर गिरा और लंड डालकर उसे चोदने लगा. अबकी बार वह लंड को झेल नहीं पा रही थी.
क्योंकि वह झड़ चुकी थी और फिर मैंने उसकी चूत को और बजाना शुरू कर दिया, जैसे ही जोर जोर से बजाना शुरू किया, अब उसकी चूत में इतनी ज्यादा आवाज आ रही थी कि अब गली में भी शायद किसी को सुनाई दे रहा होगा. क्योंकि उनका कमरा काफी ज्यादा छोटा था, जिसकी वजह से वह गूंज रहा था लेकिन मैं रुकने का नाम नहीं लेने वाला था.
अब तकरीबन 5 मिनट और तक मैंने उसे लगातार चोदा और चोद कर फिर अपना पानी झाड़ दिया और अपना पानी मैंने उसके आधा चूत में झाड़ा और आधा उसके मुंह में झाड़ के अब मैं वहां से आ चुका था. लेकिन अब मेरे दिमाग में एक चीज हो रही थी मैंने उससे पूछा क्या तुम्हारी मम्मी इस वक्त हर रोज जाती है तो उसने कहा कि हां मम्मी इस वक्त अपनी सहेलियों के साथ जाती है तो फिर लेट तक ही वापस आते हैं ऐसा कहते हैं मैं जाकर उनकी एंटीना को वापस से खराब किया ताकि आंटी मुझे अब रोज बुलाना शुरू कर दे.
यह सिलसिला अब एक हफ्ते तक चल रहा है आज मैं फिर से वही जा रहा हूं और फिर से उस मोटी गांड को चोदने के लिए जा रहा हूं.
Table of Contents
Sex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in HindiSex Stories in Hindi

