पड़ोसन ने घर बुला कर चूत दी: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका फिर से हमारे एक और सेक्स भरे ब्लॉग में. आज के इस ब्लॉग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन की चूत बजाई और कैसे मेरी पड़ोसन ने घर बुलाकर मुझे चूत दी.
पड़ोसन ने घर बुला कर चूत दी
तो दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है कुछ दो दिन पहले जब मैं अपने पड़ोस की एक आंटी पर लाइन दे रहा था, आंटी की उम्र कुछ ज्यादा नहीं बस यही 26 27 साल की ही थी और नई-नई शादी ही हुई थी. शादी के बाद वह काफी ज्यादा खुश नजर नहीं आ रही थी और उसको देख मुझे लग रहा था कि उसे अंतर्वासना की सेटिस्फेक्शन नहीं मिल रही थी.
जो पड़ोसन का हस्बैंड था, वह बहुत ही ज्यादा भोंदू सा दिखने में था. जिसकी वजह से वह उसे संतुष्ट नहीं कर पा रहा होगा, उसके रहने सहने का ढंग काफी ज्यादा बुरा था, वह इतना दिखने में बदसूरत था जिसे देखकर पता चल रहा था कि वह अपनी बीवी को कैसे खुश रख पा रहा होगा. ऐसे में मैंने उस पड़ोसन पर पहले लाइन मारनी शुरू कर दी थी.
लाइन मारते-मारते ही वह मेरी तरफ आकर्षित होने लग गई थी, जैसे वह मेरी तरफ आकर्षित हुई मैंने अपने नैनो के बाण उसके ऊपर चलाना शुरु कर दिया था. रोजाना मैं उसकी तरफ ताकता रहता था और बस मौका देखता था कि कब मैं उसके पास जाऊं और उसे चोदने का मौका पाऊंगा. एक दिन हुआ कुछ ऐसा कि मैं घर में अकेला था और वह भी घर में अकेली थी. हम दोनों की छत आपस में मिलती थी.
वह छत पर कपड़े सुखाने के लिए आई थी और मैं छत पर टहल रहा था, जैसे ही वह छत पर आई मैंने उसकी तरफ हाय का इशारा किया और उसने भी मेरी तरफ हेलो का इशारा किया. जैसे ही उसने मेरी तरफ इशारा किया मैं उससे बात करने लग गया और मैंने उसे कहा कि तुम मुझसे कुछ चाहती हो क्या? उसने कहा चाहती तो बहुत कुछ हु, लेकिन तुम दे पाओगे क्या?
इतना कहते ही मैं फटाक से अपनी छत से कूद के उसकी छत पर पहुंच गया. उसकी छत पर जाकर मैंने सीधा उसे अपने गले से लगा लिया. उसकी कमर में हाथ देके मैंने उसकी गर्दन पर किस कर दी. इतना करते ही वह मेरे ऊपर चिपट गई और मुझे चूमना शुरू कर दिया.
जैसे ही उसने मुझे चूमना शुरू किया. मैं समझ गया था कि इसका क्या मन कर रहा है. वह मुझे पकड़ कर अपने साथ नीचे ले गई और वो मुझे अपने कमरे में ले गई. मैंने उससे पूछा कि घर में कोई है? तो उसने कहा कि घर में कोई नहीं है तुम बस आ जाओ.
मैं उसके साथ उसके कमरे में गया कमरे में जाते ही उसने कमरे की कुंडी लगाई और सीधा मेरे बदन से लिपट कर मुझे चूमना शुरू कर दिया. अब हम दोनों के अंदर धुआंधार चुम्मा चाटी शुरू हो चुकी थी. उसके लाल गुलाबी होंठ बस मानो मुझे उसकी तरफ खींचे जा रहे थे.
मैंने उसको लगातार चूमना शुरू किया और उसके होंठ इतने रसीले थे कि मेरे लंड से पानी निकलना शुरू हो चुका था. वह भी कई दिनों से चूत मरवाने के लिए तरस रही थी. तो उसकी तलाश भी आज पूरी हो चुकी थी. मैंने उसके गर्दन पर किस करते हुए उसके कुरते को निकलना शुरू किया.
फिर मैंने उसका कुरता निकाल दिया और कुर्ता निकाल कर मैंने उसकी ब्रा खोल दी. उसके चूचे इतने मोटे और खड़े थे कि मानो बस उसके अलावा कुछ दिखाई दे ही ना रहा हो. मैंने उसकी चूचिया चूमना शुरू कर दी और चूमते हुए मैंने उसकी सलवार भी खोल दी.
उसकी सलवार खोलकर मैंने उसकी पैंटी निकाल और उसे बेड पर लेटा लिया बेड पर लेटने के बाद मैंने अपने कपड़े उतारे और मेरा लंड देखकर वह एकदम से चौंक गई और उसने कहा कि ओ माय गॉड इतना बड़ा लंड.
मैंने कहा आज तो तुझे भी मजा आ जाएगा मेरी जान और मैंने उसे चूमते हुए उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया उसकी मोटी चूत मेरे लंड के लिए मानो तरस ही रही हो. उसकी चूत में लंड डालते ही वह काफी ज्यादा खुश हुई और उसने मुझे कस के पकड़ के मेरी गर्दन को चाटना शुरू कर दिया.
जैसे उसने मेरी गर्दन को चाटना शुरू किया मैंने उसकी चूत को तेज बजाना शुरू कर दिया. उसकी चूत में मैं लगातार धीरे-धीरे झटके मार रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी चूत बजने लग गई और वह सेक्स का मजा लेने लग गई, जैसी ही वह सेक्स का मजा लेने लग गई अब मैंने अपने लंड की रफ्तार बढ़ाई और रफ्तार बढ़ाते हुए मैंने उसकी चूत मारनी शुरू कर दी.
जैसे ही मैंने उसकी चूत तेज मारनी शुरू की उसकी चूत की फकाफक की आवाज करने लगी और वो आह सससससस आअह्ह्ह्हह्ह ाहाहाःहाहा श्श्श्शहसषश्स अह्हह्ह्शशश करने लगी थी, पूरे कमरे में गूंज ने लगी और मैं उसकी चूचियों को दबोच कर उसकी चूत मारता रहा.
यह सिलसिला लगभग 15 से 20 मिनट का चला 15 20 मिनट बाद मैंने अपने लैंड का पानी निकाल कर सीधा पिचकारी उसके मुंह के ऊपर मार दी. जैसे मैंने पिचकारी मुंह पर मारी अब वह मेरे पानी को पीने लग गई और काफी ज्यादा मजा लेने लग गई. मैंने देखा कि वह मेरे से पहले ही झड़ चुकी थी और झाड़ के अपने सेक्स का मजा ले चुकी थी.
उसके बाद उसने मुझे कहा कि मेरा पति तो मुझे ये मजा कभी नहीं दे पाएगा एक तो उसकी छोटी सी लल्ली ऊपर से उसका इतना बदसूरत हुलिया. मुझे बस परेशान करता है. तो मैंने उसे कहा कि क्यों परेशान होती हो अब से हम दोनों ही किया करेंगे, इतना कहते ही वह भी खुश हो गई और मुझे खुशी से गले लगा लिया और उसने कहा कि एक शॉट और हो जाए तो मैंने कहा क्यों नहीं इतना कहते ही उसने कहा कि अबकी बार मैं ऊपर और वह ऊपर आई और ऊपर आकर मेरे लैंड पर बैठकर अपनी चूत को चुदवाने लगी.
जैसे ही वो अपनी चूत को चुदवाने लगी मैं सीधा लेटा रहा और मेरे को लंड पर वह चलती रही. अबकी बार उसकी नशीली आंखें मुझे बता रही थी कि वह कितनी ज्यादा खुश थी और लगभग अबकी बार आधे घंटे तक हम दोनों के बीच में चुदाई चली और चुदाई चलने के बाद वह झड़ गई. जैसे वह झड़ी अबकी बार उसने अपनी चूत मेरे मुंह के ऊपर रख दी.
और मैंने उसकी चूत का पानी पिया और फिर उसकी चूत को कुछ देर तक चाटता रहा और वह काफी ज्यादा खुश हुई अब हम दोनों के बीच में प्यार बढ़ने लगा और रोजाना हम दोनों के बीच में ऐसे ही चुदायिया होने लगी थी.
तो दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और हां यह कहानी काल्पनिक है, इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है, धन्यवाद
